टी20 वर्ल्ड कप: टीम इंडिया ने बुधवार रात खेले गए मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ 66 रन से जीत दर्ज कर विश्व कप जीतने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। इस जीत में रोहित-राहुल की ओपनिंग पार्टनरशिप का काफी योगदान रहा। इसके साथ ही गेंदबाजी में आर अश्विन ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया।

वर्ल्ड कप की रेस में बने रहने के लिए टीम इंडिया को बड़ी जीत की दरकार थी. अश्विन ने इस जरूरत को पूरा किया। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 14 रन दिए और 2 अफगान खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा. अश्विन के इस जबरदस्त प्रदर्शन से टीम इंडिया बड़े अंतर से जीत दर्ज कर सकी. अपने प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टीम प्रबंधन को यह भी दिखाया कि शुरूआती मैचों में उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना एक बड़ी गलती थी.

अश्विन की जगह वरुण चक्रवर्ती हुए फ्लॉप
अश्विन जैसे अनुभवी गेंदबाज को विश्व कप अभ्यास मैचों में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद दोनों सुपर-12 मैचों से बाहर रखा गया था। इसका खामियाजा टीम इंडिया को भी भुगतना पड़ा। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों को सिर्फ 2 विकेट मिले और ये दोनों विकेट तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के पास गए. अश्विन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल वरुण चक्रवर्ती दोनों शुरुआती मैचों में विकेट नहीं ले पाए।

अश्विन चार साल बाद टी20 टीम में शामिल
अश्विन चार साल से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर थे। उन्हें टी20 वर्ल्ड कप के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि टीम को एक अनुभवी स्पिनर की तलाश थी। हालांकि शुरुआती मैचों में उन्हें मौका नहीं दिया गया। कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस फैसले की आलोचना की थी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने तो यहां तक ​​हैरानी जताई थी कि अश्विन को प्लेइंग इलेवन में शामिल क्यों नहीं किया गया, यह जांच का विषय है।

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